भटकन का आदर्श

वेदना मे एक शक्ति है जो द्रष्टि देती है।जो यातना मे है,वह द्रष्टा हो सकता है

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हुकुम सिंह जी !!!एक बनता हुआ भक्त आपको पहला खत लिख रहा है |

Posted On: 19 Jun, 2016 में

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हुकुम सिंह जी !!
जय श्री राम !!
बधाई हो !!!
आपके कैराना कार्ड ने सबको चित्त कर दिया है |सूबे की पूरी सियासत में बवेला ला दिया है |अखबारों के पन्नों पर कैराना है |स्क्रीन की बतकही में कैराना है |फलाने के ‘कह -कहो में कैराना है | ढिकाने की फुसफुसाहट में कैराना है |डीएम की रिपोर्ट में कैराना है |गवर्नर के सपोर्ट में कैराना है | सपा -बसपा आपको सब घुग्घू जैसा ताक रहे हैं | मुद्दा ये है कि मलेक्षों के टेरर से हिन्दू भाग रहे हैं | अमित शाह आप पर लट्टू हैं |साध्वियां आपकी पट्टू हैं | टीवी पर आप संगीत सोम का अवतार बनकर उभरे हैं |लोगों में आप महाराणा का किरदार बनकर ख़बरें हैं |राजनीतिक लिहाज से आपकी टाइमिंग परफेक्ट है |अयोध्या ,दादरी ,कैराना से सत्ता मिलती गिफ्ट है |मैं अयोध्या से आपको ताड़ने में जुटा हूँ |और पार्टी विथ डिफ़रेंस की इन्ही अदाओं पर फ़िदा हूँ |
आप भक्तों को एक बात बता दीजिये |आगे बढ़ने के गुप्त तरीके समझा दीजिये |1974 से आप कैराना में राजनीति कर रहे हैं |ख़ास कुछ उखाड़ नहीं पाये लेकिन |एक रात संगीत सोम आपके सपनों में प्रकट हुए -एक हाँथ में मलेक्ष का सर दूसरे हाँथ धर्म की स्थापना के लिए बरछी और माथे पर लिखा -गर्व से कहो हम हिन्दू हैं | बोले, देखो वत्स !!उखाड़ना राजनीति में एक कला है |उसके लिए कुर्बानी चाहिए |अरे डर मत !! अपनी नहीं ,जनता की |उखाड़ने के मामले में तुम अभी बच्चे हो |सीखो ,कैसा उखाड़ा जाता है | मुजफ्फर नगर कैम्पेन (दंगों ) के पहले हमे कौन जानता था | लोकसभा चुनाव से पहले मुजफ्फर नगर में हमने अच्छों -अच्छों की उखाड़ दी | श्री राम की कृपा से कैम्पेन सफल हुआ और हमे भी सफल कर गया |तब जाकर हमे ‘मान’ मिला |पार्टी में ‘सम्मान; मिला |देखो प्रिय ,भाजपा चलताऊ पार्टियों से अलग पार्टी विथ डिफ़रेंस है | भगवान ने सबको कल्याण तक पहुंचा देने के लिए हमे भेजा है | इस पार्टी में आगे बढ़ने के अपने तरीके हैं |और उसी रात आपको नरेंद्र मोदी का जीवन चरित सुना गए आदि आदि |” उस रात से लेकर अब तक आप उखाड़ने में बिजी हैं |सही गए आप |बहुत कुछ उखाड़ भी लिया है अब तक |उखाड़ने का जो उपक्रम आप कई सालों से कर रहे हैं ,अब जा के कुछ सफल हुआ है |
मे बी इस चुनाव से पहले आपका कैम्पेन चल जाये |कुछ ज़िंदा ‘लाशें’ बन जाए ,कुछ लाशें ‘ज़िंदा’ हो जाये |यूपी में आपकी सरकार बन जाए और लगे हाँथ हिन्दुओं की रक्षा का भार भी हल्का हो जाये |इतना सब सही हो इसके पहले कुछ खराब होना तो जरूरी है ना |यही सोचकर इस दोस्ताना खत में कुछ सवाल जड़े दे रहा हूँ |मौका मिले तो चौका मार देना |जैसा की आपने कैराना में मारा है |
1974 से आप कैराना में राजनीति कर रहे हैं |इस समय आप किसी तरह से भाजपा के सांसद हो गए हैं |पेशे से वकील हैं |खुद तो आप इलाहाबद से डिग्री चीर आये हैं लेकिन अपने प्रिय इलाकों को पिछड़ा छोड़ रखा है |कैराना की साक्षरता दर देश छोडो प्रदेश से भी 20 पर्सेंट कम है |लिंगानुपात गड़बड़ है |अवसरों की कमी है |गरीबी है |अपराध है |किसी तरह आप भी मानने को मजबूर हो गए हैं की रोजगार के अवसरों की कमी के चलते पलायन हुआ है |आपके रहते हुए इतना सारा शून्य कैसा पैदा हो गया हुकुम जी ??| और कर क्या रहे थे आप |?? जनता के बीच जनता के लिए आपकी जमापूंजी क्या है |?? कुछ है भी यह वो भी हिन्दुओं के साथ कैराना से पलायन कर गई |कैराना लम्बे समय से जरायम और बहाली से बजबजा रहा है और अब एकाएक आपको कैराना से हिन्दुओं का पलायन याद आ रहा है | बनाइये मत!!! |हमे भी पता है चुनाव आने वाले हैं |जैसे सब बना रहे हैं वैसे आप भी |
‘एक बनता हुआ भक्त’

आशुतोष तिवारी
भारतीय जन संचार संस्थान

(गूगल से सीधे ब्लॉग पर जाने के लिए ब्लॉग पर इस तरह Mychintandarshan टाइप करें |)

हुकुम सिंह जी !!
जय श्री राम !!
बधाई हो !!!
आपके कैराना कार्ड ने सबको चित्त कर दिया है |सूबे की पूरी सियासत में बवेला ला दिया है |अखबारों के पन्नों पर कैराना है |स्क्रीन की बतकही में कैराना है |फलाने के ‘कह -कहो में कैराना है | ढिकाने की फुसफुसाहट में कैराना है |डीएम की रिपोर्ट में कैराना है |गवर्नर के सपोर्ट में कैराना है | सपा -बसपा आपको सब घुग्घू जैसा ताक रहे हैं | मुद्दा ये है कि मलेक्षों के टेरर से हिन्दू भाग रहे हैं | अमित शाह आप पर लट्टू हैं |साध्वियां आपकी पट्टू हैं | टीवी पर आप संगीत सोम का अवतार बनकर उभरे हैं |लोगों में आप महाराणा का किरदार बनकर ख़बरें हैं |राजनीतिक लिहाज से आपकी टाइमिंग परफेक्ट है |अयोध्या ,दादरी ,कैराना से सत्ता मिलती गिफ्ट है |मैं अयोध्या से आपको ताड़ने में जुटा हूँ |और पार्टी विथ डिफ़रेंस की इन्ही अदाओं पर फ़िदा हूँ |
आप भक्तों को एक बात बता दीजिये |आगे बढ़ने के गुप्त तरीके समझा दीजिये |1974 से आप कैराना में राजनीति कर रहे हैं |ख़ास कुछ उखाड़ नहीं पाये लेकिन |एक रात संगीत सोम आपके सपनों में प्रकट हुए -एक हाँथ में मलेक्ष का सर दूसरे हाँथ धर्म की स्थापना के लिए बरछी और माथे पर लिखा -गर्व से कहो हम हिन्दू हैं | बोले, देखो वत्स !!उखाड़ना राजनीति में एक कला है |उसके लिए कुर्बानी चाहिए |अरे डर मत !! अपनी नहीं ,जनता की |उखाड़ने के मामले में तुम अभी बच्चे हो |सीखो ,कैसा उखाड़ा जाता है | मुजफ्फर नगर कैम्पेन (दंगों ) के पहले हमे कौन जानता था | लोकसभा चुनाव से पहले मुजफ्फर नगर में हमने अच्छों -अच्छों की उखाड़ दी | श्री राम की कृपा से कैम्पेन सफल हुआ और हमे भी सफल कर गया |तब जाकर हमे ‘मान’ मिला |पार्टी में ‘सम्मान; मिला |देखो प्रिय ,भाजपा चलताऊ पार्टियों से अलग पार्टी विथ डिफ़रेंस है | भगवान ने सबको कल्याण तक पहुंचा देने के लिए हमे भेजा है | इस पार्टी में आगे बढ़ने के अपने तरीके हैं |और उसी रात आपको नरेंद्र मोदी का जीवन चरित सुना गए आदि आदि |” उस रात से लेकर अब तक आप उखाड़ने में बिजी हैं |सही गए आप |बहुत कुछ उखाड़ भी लिया है अब तक |उखाड़ने का जो उपक्रम आप कई सालों से कर रहे हैं ,अब जा के कुछ सफल हुआ है |
मे बी इस चुनाव से पहले आपका कैम्पेन चल जाये |कुछ ज़िंदा ‘लाशें’ बन जाए ,कुछ लाशें ‘ज़िंदा’ हो जाये |यूपी में आपकी सरकार बन जाए और लगे हाँथ हिन्दुओं की रक्षा का भार भी हल्का हो जाये |इतना सब सही हो इसके पहले कुछ खराब होना तो जरूरी है ना |यही सोचकर इस दोस्ताना खत में कुछ सवाल जड़े दे रहा हूँ |मौका मिले तो चौका मार देना |जैसा की आपने कैराना में मारा है |
1974 से आप कैराना में राजनीति कर रहे हैं |इस समय आप किसी तरह से भाजपा के सांसद हो गए हैं |पेशे से वकील हैं |खुद तो आप इलाहाबद से डिग्री चीर आये हैं लेकिन अपने प्रिय इलाकों को पिछड़ा छोड़ रखा है |कैराना की साक्षरता दर देश छोडो प्रदेश से भी 20 पर्सेंट कम है |लिंगानुपात गड़बड़ है |अवसरों की कमी है |गरीबी है |अपराध है |किसी तरह आप भी मानने को मजबूर हो गए हैं की रोजगार के अवसरों की कमी के चलते पलायन हुआ है |आपके रहते हुए इतना सारा शून्य कैसा पैदा हो गया हुकुम जी ??| और कर क्या रहे थे आप |?? जनता के बीच जनता के लिए आपकी जमापूंजी क्या है |?? कुछ है भी यह वो भी हिन्दुओं के साथ कैराना से पलायन कर गई |कैराना लम्बे समय से जरायम और बहाली से बजबजा रहा है और अब एकाएक आपको कैराना से हिन्दुओं का पलायन याद आ रहा है | बनाइये मत!!! |हमे भी पता है चुनाव आने वाले हैं |जैसे सब बना रहे हैं वैसे आप भी |
‘एक बनता हुआ भक्त’

आशुतोष तिवारी
भारतीय जन संचार संस्थान

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